Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
की बूंद डालें और रिजलà¥à¤Ÿ का इंतजार करें।
आमतौर पर कà¥à¤› ही सेकेंडà¥à¤¸ में रिजलà¥à¤Ÿ आ जाता है, लेकिन कà¥à¤› मीटर के साथ आपको यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने की जरूरत होती है कि सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤ª पर मौजूद कोड मीटर पर मौजूद कोड से मेल खा रहा है या नहीं। साथ ही सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤ª पर मौजूद तिथि की जांच करना ना à¤à¥‚लें। à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤¾à¤‡à¤°à¥€ डेट वाली सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤ª इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² ना करें।
दो तरह की होती है शà¥à¤—र की बीमारी, जानें अंतर और इलाज से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ बातें
​घर पर टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग और मेडिकल टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग में अंतर
घर पर खà¥à¤¦ ही बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को मॉनिटर करना थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। खà¥à¤¦ ही अपने बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखने के लिठपहले आपको इस बात पर नजर रखनी होगी कि आपकी डायबिटीज दैनिक आधार पर कैसे काम करती है। यह मान लेना कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास साल में à¤à¤• बार चेकअप करा लेने से आपको अपनी डायबिटीज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का बेहतर पता चल जाà¤à¤—ा ये आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठपूरी तरह से गलत है।
​कई बार बदलता है बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल
à¤à¤• सामानà¥à¤¯ और डायबिटीज के मरीज में दिन गà¥à¤²à¥‚कोज का सà¥à¤¤à¤° दिन à¤à¤° में कई बार बदलता रहता है। लेकिन, इसका यह à¤à¥€ मतलब नहीं है कि आप घर पर ही बस अपने बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल पर नजर रखें और डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कंसलà¥à¤Ÿ ना करें। डायबिटीज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता लगाने के लिठसमय-समय पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेते रहें और चेकअप कराना ना à¤à¥‚लें।
अगर आप अपने बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल की सेलà¥à¤«-मॉनिटरिंग करना चाहते हैं तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको A1c टेसà¥à¤Ÿ कराने की सलाह दे सकते हैं। इससे यह पता चल जाता है कि पिछले दो-तीन महीनों में आपका बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल औसतन कितना रहा। रेगà¥à¤²à¤° लैब टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ डायबिटीज कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने में आपकी मदद कर सकते हैं। यह आपको और आपकी हेलà¥à¤¥à¤•ेयर टीम की यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने में à¤à¥€ मदद करते हैं कि आपको घर में कब और कैसे गà¥à¤²à¥‚कोज का सà¥à¤¤à¤° चेक करना है।
रकà¥à¤¤ में इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ बढ़ाने का काम करता है पपीता, इन लोगों को करना चाहिठनियमित सेवन
​अपने नंबर को पहचानें
अपने बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल की सेलà¥à¤«-मॉनिटरिंग करते वकà¥à¤¤ अपने नंबरà¥à¤¸ पर जरूर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें। सीडीसी के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, अगर आपका बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल 60mg/dL से कम होता है या फिर 300mg/dL से ऊपर जाता है तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से तà¥à¤°à¤‚त बात करें और इमरजेंसी मेडिकल सरà¥à¤µà¤¿à¤¸ से संपरà¥à¤• करें। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि, बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का यह सà¥à¤¤à¤° आपको नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है।
| --------------------------- | --------------------------- |